सिविल सोसाइटी और परोपकार के लिए AI
अभी और बड़े स्तर पर कम्युनिटीज़ को AI से फ़ायदा पहुँचाने पर काम हो रहा है—जिसकी शुरुआत लोगों की सेहत बेहतर करने के लिए $10 करोड़ की कमिटमेंट से की जा रही है.
हम यह कैसे पक्का कर सकते हैं कि आर्टिफ़िशियल जेनरल इंटेलिजेंस से पूरी इंसानियत को फ़ायदा हो?
यही सवाल OpenAI Foundation के काम का सबसे अहम हिस्सा है। हम इस मिशन पर कई तरह से काम कर रहे हैं—यह देख रहे हैं कि कैसे एडवांस्ड AI साइंटिफ़िक प्रोग्रेस में तेज़ी ला सकता है, ज़्यादा ताकतवर AI के लिए समाज को तैयार करने में कैसे मदद मिल सकती है, और यह समझ रहे हैं कि इस टेक्नोलॉजी से नौकरियों और इकोनॉमी पर क्या असर होगा. आगे जाकर AI से इंसानियत को फ़ायदा हो, यह पक्का करने के लिए यह निवेश ज़रूरी हैं.
यह पूछना भी उतना ही ज़रूरी है कि आज लोगों और कम्युनिटीज़ के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने में AI कैसे मदद कर सकता है. हमारा मानना है कि इसे मुमकिन बनाने में सिविल सोसाइटी की अहम भूमिका है.
इसीलिए OpenAI Foundation सिविल सोसाइटी और परोपकार के लिए AI शुरू कर रहा है. यह एक नया प्रोग्राम है, जिसका मकसद एडवांस्ड AI का इस्तेमाल करके दुनिया भर के लोगों और कम्युनिटीज़ के सामने आज मौजूद चुनौतियों पर काम करना है.
गैरलाभकारी, अकादमिक संस्थाएँ, कम्युनिटी कोएलिशंस और परोपकारी ऑर्गनाइज़ेशंस हमारे समाज के लिए बहुत ज़रूरी हैं. ये ज़रूरी सर्विसेज़ देते हैं और अक्सर उन चुनौतियों के सबसे करीब होते हैं, जहाँ टेक्नोलॉजी सबसे बड़ा असर डाल सकती है. People-First AI Fund के ज़रिए हमने देखा है कि भरोसेमंद ऑर्गनाइज़ेशंस अपनी कम्युनिटीज़ की मदद के लिए AI का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं—और यह भी कि अभी कितना कुछ और किया जा सकता है.
अब तक, ज़रूरी लोकल सर्विसेज़ देने वाले ऑर्गनाइज़ेशंस नई टेक्नोलॉजी को अपनाने या उसका फ़ायदा पाने वालों में अक्सर सबसे पीछे रहे हैं. AI शायद अब तक की सबसे ज़्यादा बदलाव लाने वाली टेक्नोलॉजी है, और हमें AI के मामले में भी यही पैटर्न दोहराने नहीं देना चाहिए. इस साइकल को तोड़ने के लिए सिर्फ़ टूल्स का एक्सेस काफ़ी नहीं होगा. इसके लिए बड़े स्तर पर लगातार निवेश, टेक्निकल एक्सपर्टीज़ और AI को ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए सपोर्ट चाहिए—यह सब उन भरोसेमंद ऑर्गनाइज़ेशंस के साथ मिलकर तय किया जाना चाहिए, जो उन कम्युनिटीज़ में काम करते हैं जिन पर इसका सबसे ज़्यादा असर पड़ेगा.
हम तीन प्राथमिकताओं के साथ शुरुआत कर रहे हैं:
ज़रूरी सर्विसेज़ में AI का इस्तेमाल करना, जिससे इन सर्विसेज़ तक लोगों का एक्सेस और नतीजे बेहतर हो सकते हैं.
सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइज़ेशंस को ज़िम्मेदारी से AI अपनाने के लिए ज़रूरी टूल्स, एक्सपर्टीज़ और सपोर्ट देना.
साझा इंफ़्रास्ट्रक्चर तैयार करना, ताकि असरदार टूल्स, उनसे मिले एविडेंस और सीख से पूरा सोशल सेक्टर फ़ायदा उठा सके.
हमारा मकसद ऑर्गनाइज़ेशंस को यह समझने में मदद करना है कि AI उनके काम को कहाँ वाकई में बेहतर बना सकता है—और उसे अमल में लाने के लिए ज़रूरी रिसोर्सेज़ देना है.
केयर टीमों को बेहतर बनाने के लिए $10 करोड़ की कमिटमेंट
हमारी पहली पार्टनरशिप Common Health Coalition के साथ $10 करोड़ की कमिटमेंट है—यह देश का सबसे बड़ा मल्टी-सेक्टर हेल्थ सहयोग है—इसके तहत Breakthroughs to Follow-Through (B2F) शुरू किया जाएगा, जो एक राष्ट्रीय पहल है. इसका मकसद AI का इस्तेमाल करके यह पक्का करने में मदद करना है कि जान बचाने वाली मेडिकल प्रोग्रेस उन लोगों तक पहुँचे, जिन्हें उससे फ़ायदा हो सकता है.
B2F स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट्स, हेल्थ सिस्टम्स, हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स और कम्युनिटी ऑर्गनाइज़ेशंस के साथ मिलकर काम करेगा. शुरुआत में इसका लक्ष्य अलाबामा, इलिनॉय, लुइज़ियाना और मैसाचुसेट्स में हेपेटाइटिस-सी के इलाज की दर को दोगुना करना है. आगे और भी जगहें शामिल की जाएँगी.
हेपेटाइटिस-सी इस चुनौती को समझने का एक अच्छा उदाहरण है. इसका एक बहुत असरदार इलाज एक दशक से भी ज़्यादा समय से उपलब्ध है. फिर भी इलाज तक पहुँच, बीमारी की पहचान, इलाज और फ़ॉलो-अप में लगातार बनी रुकावटों के कारण, इस बीमारी के साथ जी रहे लगभग दो-तिहाई अमेरिकियों का इलाज नहीं हो पाता. इसके चलते लाखों लोगों को ऐसी लिवर की बीमारी का खतरा बना रहता है, जिसे रोका जा सकता है.
AI से चलने वाले टूल्स केयर टीमों की उन मरीज़ों की पहचान करने और उनसे दोबारा जुड़ने में मदद कर सकते हैं, जो इलाज के बीच में संपर्क से बाहर हो गए हैं. ये टूल्स रिकॉर्ड्स को एक साथ देखकर, प्रोग्रेस को ट्रैक करके और सीमित स्टाफ़ का समय वहाँ लगाने में मदद कर सकते हैं, जहाँ उसका सबसे ज़्यादा असर हो. मकसद इलाज देने वाले लोगों की जगह लेना नहीं है, बल्कि उन्हें ज़्यादा मरीज़ों तक पहुँचने में मदद करना और एडमिनिस्ट्रेटिव बोझ कम करना है. आगे चलकर B2F इस साझा सिस्टम को उन दूसरे क्षेत्रों तक भी ले जाएगा, जहाँ असरदार इलाज और मदद उपलब्ध होने के बावजूद उन लोगों तक नहीं पहुँच रहे हैं, जिन्हें उनकी ज़रूरत है. इनमें HIV से बचाव और कुछ ऐसे कैंसर शामिल हैं जिनका इलाज संभव है.
इस काम के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए आप Common Health Coalition की ओर से आज पब्लिश की गई अनाउंसमेंट पढ़ सकते हैं.
आगे का काम
B2F सिर्फ़ एक उदाहरण है कि AI को लोगों के फ़ायदे के लिए कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है. हम कई तरह की चुनौतियों पर ऑर्गनाइज़ेशंस और कम्युनिटीज़ के साथ काम कर रहे हैं—जैसे खेती, कानूनी मदद और मानवीय सहायता—हम यह समझना चाहते हैं कि AI उनके काम को कहाँ वाकई में बेहतर बना सकता है, उसे अपनाने में कौन-सी रुकावटें हैं, और किस तरह के निवेश और सपोर्ट की ज़रूरत है.
इन चुनौतियों के सबसे करीब रहने वाले लोगों को ही तय करना चाहिए कि किन समस्याओं पर काम करना ज़रूरी है, और यह भी तय करना चाहिए कि उनके समाधान को कैसे लागू किया जाए. हमारा काम उनकी एक्सपर्टीज़ को अपनी एक्सपर्टीज़ के साथ जोड़ना है—साथ मिलकर नए आइडियाज़ और सॉल्यूशंस को टेस्ट करना, और यह पता लगाने के लिए कैपिटल, टेक्निकल सपोर्ट और पार्टनरशिप्स देना कि AI कहाँ और कैसे मदद कर सकता है.
टेक्नोलॉजी में प्रोग्रेस को इस बात से मापा जाना चाहिए कि उससे कितने लोगों को फ़ायदा होता है.
अगर आप हमारी 'सिविल सोसाइटी और परोपकार के लिए AI' टीम से संपर्क करना चाहते हैं, तो हमें [email protected] पर लिखें.