छोटे किसानों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पूर्वानुमान

तीन वर्षों में 10 करोड़ छोटे किसानों तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मौसम पूर्वानुमान पहुंचाने के लिए 6 करोड़ डॉलर का निवेश.

लाखों छोटे किसानों के लिए फसल का एक मौसम तय कर सकता है कि परिवार को पर्याप्त भोजन मिलेगा, वह बच्चों की पढ़ाई जारी रख पाएगा या कर्ज में डूब जाएगा. दुनिया भर में करीब 50 करोड़ छोटे पारिवारिक खेत⁠ दो अरब से अधिक लोगों की आजीविका का आधार हैं. इनमें से कई लोगों के पास फसल खराब होने पर सहारे के लिए बहुत कम या कुछ भी नहीं होता.

जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम अधिक अस्थिर और चरम होता जा रहा है. ऐसे में छोटे किसानों को अपनी आय और खाद्य सुरक्षा बचाने वाले निर्णय लेने के लिए समय पर भरोसेमंद मौसम पूर्वानुमान चाहिए. फिर भी, निम्न और मध्यम आय वाले देशों के कई किसानों की पहुंच लंबे समय से उच्च-गुणवत्ता वाले पूर्वानुमानों तक नहीं रही है. इसकी एक वजह यह है कि सटीक मौसम पूर्वानुमान तैयार करना बहुत महंगा और उन्हें किसानों तक पहुंचाना प्रबंधन की दृष्टि से जटिल रहा है.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता में हाल की प्रगति इसे बदल रही है. अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले मौसम पूर्वानुमान तंत्र अब पारंपरिक मॉडलों के बराबर या उनसे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, वह भी कंप्यूटिंग लागत के एक छोटे से हिस्से में. इससे अधिक स्थानीय पूर्वानुमान कहीं बड़े पैमाने पर उपलब्ध हो रहे हैं और किसानों को अपनी फसलों, आय और परिवारों की रक्षा के लिए पहले ही जानकारी मिल रही है. कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित किसान संवाद-सहायक और संबंधित साधन किसानों से जुड़ाव को भी अधिक कुशल और प्रभावी बना रहे हैं.

इसीलिए OpenAI Foundation की नागरिक समाज और परोपकार टीम कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित मौसम और फसल रोग पूर्वानुमानों तक पहुंच का उल्लेखनीय विस्तार करने के लिए 6 करोड़ डॉलर का निवेश कर रही है. इससे ये पूर्वानुमान अधिक देशों और किसानों तक पहुंचेंगे तथा मौसम और फसल रोगों से जुड़े अधिक प्रकार के खतरों को शामिल करेंगे. मोबाइल फोन और अन्य माध्यमों से दी जाने वाली यह जानकारी लाखों अतिरिक्त किसानों को यह तय करने में मदद कर सकती है कि बुवाई, कटाई और खाद देने का सही समय क्या है तथा मौसम संबंधी जोखिमों से पहले कब कदम उठाना चाहिए.

6 करोड़ डॉलर की इस निवेश योजना में छह असाधारण संगठन साथ आए हैं—शिकागो विश्वविद्यालय⁠, यूसी बर्कले⁠, प्रिसीजन डेवलपमेंट⁠, एआईएम फॉर स्केल⁠ (जिसे नोट्रे डेम विश्वविद्यालय⁠ के माध्यम से धन मिलेगा), डिजिटल ग्रीन⁠ और अंतरराष्ट्रीय मक्का और गेहूं सुधार केंद्र⁠ (CIMMYT). राष्ट्रीय और स्थानीय सरकारों तथा संस्थानों के साथ गहरी साझेदारी में काम करते हुए, इन संगठनों का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया तथा पूर्वी अफ्रीका के 10 करोड़ छोटे किसानों तक मौसम और फसल रोग पूर्वानुमान पहुंचाने के सरकार-नीत प्रयासों में सहयोग करना है.

इंद्रधनुष के नीचे एक किसान हरे खेत की देखभाल कर रहा है. दूर ताड़ के पेड़ और छोटे घर दिखाई दे रहे हैं.

मौसम की अनिश्चितता की कीमत

छोटे खेत दुनिया के लगभग एक-तिहाई भोजन का उत्पादन करते हैं और फसलों का भारी नुकसान पूरे देश की खाद्य सुरक्षा के लिए जोखिम बन सकता है. मौसम किसानों की आय में उतार-चढ़ाव का एक प्रमुख कारण है. मानसून के आने का गलत संकेत मिलने पर किसान बहुत जल्दी बुवाई कर सकते हैं और उसके बाद के सूखे दौर में फसल गंवा सकते हैं, जबकि कटाई के समय अप्रत्याशित वर्षा खेत से निकाले जाने से पहले ही फसल खराब कर सकती है. अफ्रीका के छह देशों में किए गए एक अध्ययन में पाया गया⁠ कि सामान्य वर्ष में प्रतिकूल जलवायु घटनाओं ने नमूने में शामिल लगभग एक-तिहाई खेतों को प्रभावित किया और राष्ट्रीय फसल उत्पादन में औसतन 29% की कमी की. नासा के उपग्रह आंकड़े दिखाते हैं⁠ कि पृथ्वी के गर्म होने के साथ ऐसी जलवायु घटनाएं अधिक तीव्र हो रही हैं.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से पहले सटीक मौसम पूर्वानुमान महंगे सुपरकंप्यूटरों पर चलने वाले संख्यात्मक मॉडलों पर निर्भर थे. इसलिए निम्न और मध्यम आय वाले कई देशों के मौसम विभाग इन्हें चला ही नहीं सकते थे. जहां ऐसे पूर्वानुमान उपलब्ध थे, वहां भी उन्हें अक्सर ऐसी उपयोगी जानकारी में नहीं बदला जाता था जिस पर किसान अमल कर सकें.

अब अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने मौसम पूर्वानुमान में दूसरी क्रांति को गति दी है. ये पूर्वानुमान वायुमंडलीय आंकड़ों की विशाल मात्रा पर प्रशिक्षित कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडलों से तैयार होते हैं. अब ये अक्सर पारंपरिक पूर्वानुमान मॉडलों जितने या उनसे भी अधिक सटीक होते हैं और इनके लिए कंप्यूटिंग क्षमता का केवल एक छोटा हिस्सा चाहिए. इससे निम्न और मध्यम आय वाले देशों के उन छोटे किसानों के अनुरूप पूर्वानुमान बड़े पैमाने पर तैयार करना संभव हो गया है, जिन्हें यह तय करना होता है कि फसलों की बुवाई, कटाई और खाद देने का काम कब करना है.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मौसम पूर्वानुमान में आई क्रांति के कारण सरकारें अब किसानों की विशिष्ट कृषि जरूरतों के अनुरूप सटीक पूर्वानुमान प्रसारित कर सकती हैं. यह किफायती और प्रमाण-समर्थित तरीका किसानों को उनकी परिस्थितियों और उनके जरूरी निर्णयों के अनुरूप पूर्वानुमान दे सकता है.
—माइकल क्रेमर, अर्थशास्त्र में 2019 के नोबेल पुरस्कार विजेता और शिकागो विश्वविद्यालय की विकास नवाचार प्रयोगशाला के संकाय निदेशक
हरे पेड़ों के बीच बाहर खड़ी दो महिलाएं और एक पुरुष साथ मिलकर स्मार्टफोन देख रहे हैं.

चित्र श्रेय: डिजिटल ग्रीन फाउंडेशन

कृत्रिम बुद्धिमत्ता में हुई ये प्रगतियां कई ऐसे तरीके उपलब्ध कराती हैं जो मिलकर छोटे किसानों को किफायती लागत पर मौसम पूर्वानुमान देते हैं:

  1. कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पूर्वानुमान तंत्र पहले इस्तेमाल किए जाने वाले तंत्रों की तुलना में बहुत कम लागत, समय और कंप्यूटिंग संसाधनों में मौसम का अनुमान लगाने में मदद करते हैं.

  2. कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मौसम मॉडलों की गति और दक्षता के कारण कई श्रेष्ठ मॉडलों को मिलाकर किसी एक मॉडल से अधिक सटीक मौसम पूर्वानुमान तैयार करना संभव है. स्थानीय पर्यावरणीय आंकड़े मिलने पर इन मॉडलों की सटीकता और बढ़ जाती है.

  3. मौसम शोधकर्ता कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडलों को किसानों के अनुरूप लक्ष्यों के लिए विशेष रूप से ढाल सकते हैं, जैसे इतनी वर्षा शुरू होने की तारीख जब बुवाई संभव हो. इससे निर्णयों के लिए उपयोगी वे पूर्वानुमान संभव होते हैं जो पहले पहुंच से बाहर थे.

  4. कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ध्वनि संदेश, लघु संदेश सेवा और संवाद-सहायक किसानों को उनकी अपनी भाषा में सीधे पूर्वानुमान देते हैं. किसान इनके जरिए यह भी बता सकते हैं कि उनके खेत में वास्तव में क्या हुआ, पूर्वानुमान सही था या नहीं और दी गई सलाह फसल के खतरों से निपटने में उपयोगी रही या नहीं.

कई यादृच्छिक परीक्षणों से आशाजनक प्रमाण मिले हैं कि समय पर पूर्वानुमान मिलने पर किसान बेहतर और अलग निर्णय लेते हैं—वे क्या और कब बोएं, खर्च करें और निवेश करें, इसमें बदलाव करते हैं. इन निर्णयों से उनकी आय बढ़ सकती है और फसल का नुकसान घट सकता है (बर्लिग और अन्य, 2025⁠; कोल, गोल्डबर्ग, हरिगाया और झू, 2025⁠; रडर और विवियानो, कार्यपत्र⁠).

उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के अरबों लोगों को प्रासंगिक और उच्च-गुणवत्ता वाले मौसम पूर्वानुमान बहुत लंबे समय से उपलब्ध नहीं रहे हैं. यह निवेश कठोर प्रमाण-आधारित तरीकों से मानसून, लू और वर्षा के बारे में व्यावहारिक जानकारी देने का वादा करता है, जो बढ़ती जलवायु अस्थिरता के दौर में आजीविका बेहतर कर सकती है.
—विलियम बूस, यूसी बर्कले के पृथ्वी और ग्रह विज्ञान विभाग में बूस अनुसंधान समूह के निदेशक

यह प्रयास किस तरह एकजुट होता है

हमारा 6 करोड़ डॉलर का निवेश पूर्वानुमान तैयार करने से लेकर उसे किसान तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में काम कर रहे संगठनों को एक साथ लाता है:

  • मौसम पूर्वानुमान तैयार करना: शिकागो विश्वविद्यालय और यूसी बर्कले राष्ट्रीय मौसम एजेंसियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मौसम मॉडलों को किसानों के अनुरूप ढालने और नियमित संचालन में लाने में सहयोग देंगे. शुरुआती पूर्वानुमानों में मानसून का आरंभ और समाप्ति, कटाई से संबंधित वर्षा, मध्यम अवधि की वर्षा और अत्यधिक गर्मी शामिल होंगी. मौसम के साथ-साथ CIMMYT गेहूं के रोगजनकों का पूर्वानुमान लगाने की अपनी क्षमताओं में निवेश करेगा और प्रकोपों का पहले पता लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा नासा के पृथ्वी-अवलोकन आंकड़ों का उपयोग करेगा.

  • किसानों तक पूर्वानुमान और संबंधित उपयोगी जानकारी पहुंचाना: प्रिसीजन डेवलपमेंट सरकारों और नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर इन पूर्वानुमानों को व्यावहारिक सलाह में बदलेगा और विश्वसनीय माध्यमों से किसानों तक पहुंचाएगा. डिजिटल ग्रीन बेहतर पूर्वानुमानों को अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कृषि परामर्श अनुप्रयोग फार्मरचैट में जोड़ेगा, जिसका उपयोग 21 लाख से अधिक किसान करते हैं. वह किसानों की प्रतिक्रियाएं भी पूर्वानुमान टीमों तक वापस पहुंचाएगा. जानकारी पहुंचाने वाली टीमें केंद्रित समूहों, ए/बी परीक्षणों और प्रभाव आकलनों के जरिए संदेश की रचना, समझ, भरोसे और उस पर की गई कार्रवाई की जांच करेंगी.

  • इस काम को टिकाऊ बनाना: एआईएम फॉर स्केल सरकारों और विकास बैंकों के साथ मिलकर इन सेवाओं को जारी रखने और अधिक देशों तक विस्तार देने के लिए जरूरी साझेदारियां और वित्तपोषण तैयार करेगा. अंतिम लक्ष्य टिकाऊ सार्वजनिक बुनियादी ढांचा बनाना है, जिसमें राष्ट्रीय मौसम और कृषि संस्थान सेवाओं का संचालन करें तथा सरकारें और विकास बैंक उन्हें लगातार उपलब्ध कराने के लिए धन दें.

दो पुरुष केले के पौधों के बीच खड़े हैं. एक के पास केले का गुच्छा है और दूसरे के हाथ में टैबलेट है.

Foundation ने इन संगठनों को उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों में नेतृत्व, स्थानीय सरकारी एजेंसियों और समुदायों के साथ प्रभावी सहयोग के अनुभव, प्रमाणित प्रभाव और इस महत्वाकांक्षी पहल पर मिलकर काम करने की क्षमता के आधार पर चुना है. हमारा 6 करोड़ डॉलर का निवेश इस काम को आगे बढ़ाता और विस्तृत करता है. इसमें फसल रोगों के पूर्वानुमान जैसी नई क्षमताएं जोड़ना, पूर्वानुमानों को नए विश्वसनीय माध्यमों से जोड़ना और अतिरिक्त देशों में विस्तार का समर्थन करना शामिल है. इस काम का लक्ष्य 10 करोड़ किसानों को जरूरत के समय बेहतर जानकारी देना है, ताकि वे नुकसान से बच सकें और ऐसी जगह निवेश कर सकें जिससे उनकी आय अधिक और स्थिर हो.

आगे अवसर यह है कि उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडलों के साथ इस प्रगति को आगे बढ़ाया जाए, पूर्वानुमानों को बड़े पैमाने पर अधिक सटीक और स्थानीय बनाया जाए तथा प्रमाण-आधारित तरीकों से किसानों तक पहुंचाया जाए. अभी यह समझना बाकी है कि कौन-से उपाय कारगर हैं. मौसम तंत्रों के लिए स्वतंत्र मानक-परीक्षण, प्रतिक्रिया, स्थानीय आकलन और अलग-अलग देशों व फसलों के अनुसार बदलाव भी जरूरी होंगे.

OpenAI Foundation के व्यापक कार्य का हिस्सा

यह निवेश हमारे नागरिक समाज और परोपकार कार्य के तहत OpenAI Foundation की दूसरी पहल है. हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करने में मदद करना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभ दुनिया भर के लोगों और समुदायों तक पहुंचें, खासकर वहां जहां बेहतर साधन, जानकारी और जनहित का बुनियादी ढांचा आवश्यक सेवाओं तथा आर्थिक अवसरों को बेहतर बना सकता है.

इस पूरे काम में हमारा ध्यान इन बातों पर रहेगा:

  • जरूरी सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करना, जहां वह पहुंच और परिणामों में सार्थक सुधार ला सके.

  • नागरिक समाज संगठनों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता जिम्मेदारी से अपनाने के लिए साधन, विशेषज्ञता और सहयोग देना.

  • साझा बुनियादी ढांचा बनाना, ताकि सफल साधनों और उनसे मिली सीख का लाभ पूरे सामाजिक क्षेत्र को मिले.

इस काम को विकसित करते हुए हम दुनिया भर के समुदायों, नेतृत्वकर्ताओं और निर्माताओं से संवाद जारी रखेंगे. हमारी टीम से संपर्क करने के लिए [email protected]⁠ पर लिखें.