People-First AI Fund पर अपडेट

पहले तय किए गए $95 लाख के ग्रांट पूरे किए जा रहे हैं—और 2026 में $5 करोड़ और देने का फ़ैसला किया गया है.

OpenAI Foundation द्वारा

सितंबर 2025 में OpenAI Foundation ने $5 करोड़ डॉलर का People-First AI Fund शुरू किया था. इसका मकसद ऐसे नॉनप्रॉफ़िट्स और मिशन के लिए काम करने वाले ऑर्गेनाइज़ेशंस की मदद करना है, जो नई टेक्नोलॉजी और लोगों की भलाई के लिए काम करने के बीच की कड़ी पर काम कर रहे हैं. इस फ़ंड के पीछे हमारा मानना है कि AI को उन कम्युनिटीज़, शिक्षकों, कामगारों, मरीज़ों और परिवारों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए, जिन्हें इन टूल्स से अपने रोज़मर्रा के जीवन में सीधा और व्यावहारिक फ़ायदा मिल सकता है.

ऐप्लिकेशन मँगाने के बाद Foundation ने दिसंबर 2025 में ग्रांट के पहले दौर में 208 कम्युनिटी के लिए काम करने वाले ऑर्गेनाइज़ेशंस को $4.05 करोड़ की ऐसी ग्रांट दी, जिनके इस्तेमाल पर कोई खास पाबंदी नहीं थी. ये ऑर्गेनाइज़ेशंस अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों में लोकल कम्युनिटीज़ को मज़बूत करने और AI से मिलने वाले अवसरों को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं.

आज हम दूसरे और आखिरी दौर का ऐलान कर रहे हैं: $95 लाख के ग्रांट, जो ऐसे ऑर्गेनाइज़ेशंस को दिए जाएँगे जो AI का इस्तेमाल करके लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं और अपने काम में लोगों को सबसे आगे रखते हैं.

Foundation ने 2026 में People-First AI Fund के लिए $5 करोड़ और देने का फ़ैसला किया है और 15 जून 2026 से नए ऐप्लिकेशन लेना शुरू करेगी. यह अगले एक साल में कम-से-कम $1 अरब निवेश करने के हमारे बड़े कमिटमेंट का हिस्सा है. इसमें लाइफ़ साइंसेज़ और बीमारियों के इलाज, नौकरियों और आर्थिक असर, AI से जुड़े जोखिमों से निपटने और आगे घोषित किए जाने वाले दूसरे प्रोग्राम पर निवेश शामिल है.

स्वास्थ्य को बेहतर बनाना

फ़ंड के पहले दौर में स्वास्थ्य सबसे अहम विषयों में से एक रहा—यह उन चुनौतियों में भी दिखा, जिनके बारे में कम्युनिटीज़ ने बताया, और उन सॉल्युशंस में भी, जिन पर ऑर्गेनाइज़ेशंस काम कर रहे हैं. अलग-अलग कम्युनिटीज़ में लोगों की सेहत इस बात पर निर्भर करती है कि साइंटिफ़िक खोज कितनी आगे बढ़ी है, इलाज तक लोगों की पहुँच कितनी आसान है, भरोसेमंद तरीके से इलाज कैसे पहुँचाया जाता है और लोगों की ज़िंदगी पर आर्थिक हालात का कितना असर पड़ता है.

मेडिकल सिस्टम से पीछे छूट गए परिवारों के लिए बीमारी की पहचान और इलाज तेज़ करने से लेकर, उन भरोसेमंद ऑर्गेनाइज़ेशंस को मज़बूत करने तक जहाँ कम्युनिटीज़ को इलाज मिलता है, और मेडिकल कर्ज़ व आर्थिक असुरक्षा जैसी समस्याओं को दूर करने तक—इनसे भीं लोगों की सेहत पर असर पड़ता है—आज दिए गए ग्रांट इन सभी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हैं।

हमारा मिशन है कि अस्पताल से मिलने वाली आर्थिक मदद के बारे में लोगों को जानकारी हो, इसे पाना आसान हो और यह मदद सभी को सही तरीके से मिले. AI की मदद से हम 9x ज़्यादा मरीजों तक पहुँचने और $1 अरब का मेडिकल कर्ज़ खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. यह सिर्फ़ एक आँकड़ा भर नहीं है. यह लोगों के लिए वापस मिलने वाला असली पैसा है, जिसे वे किराए, राशन और बच्चों की देखभाल जैसी ज़रूरी चीज़ों पर खर्च कर सकते हैं और जो उनकी ज़िंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है.
—जेरेड वॉकर, फ़ॉउंडर और CEO, Dollar For
मौजूदा दवाओं को दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल करना ज़रूरतमंद लोगों तक इलाज पहुँचाने के सबसे तेज़ और कम खर्च वाले तरीकों में से एक है. AI की मदद से अब हम दवाओं और बीमारियों के बीच सबसे बेहतर मेल खोज सकते हैं. साथ ही, हम डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और मरीज़ों के लिए काम करने वाले पार्टनर्स की एक्सपर्टीज़ का बेहतर इस्तेमाल करके उन मरीज़ों तक इलाज के नए उपाय पहुँचा सकते हैं, जिन्हें अभी सही इलाज नहीं मिल पा रहा है.
—डॉ. डेविड फ़ाजेनबॉम, फ़ाउंडर और CEO, Every Cure
  • CareMessage: CareMessage एक सोशल एंटरप्राइज़ है और अमेरिका में कम आय वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने वाला सबसे बड़ा प्लेटफ़ॉर्म है. 2012 में शुरू हुआ CareMessage अब तक 45 राज्यों और क्षेत्रों में 2.2 करोड़ लोगों तक पहुँच चुका है. CareMessage टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए लोगों को उनकी ज़रूरत के हिसाब से स्वास्थ्य की जानकारी और इलाज से जुड़ी मदद देता है. अब यह अपने प्लेटफ़ॉर्म में AI को शामिल कर रहा है, ताकि उन मरीज़ों की बेहतर मदद की जा सके जिन्हें स्वास्थ्य सेवाएँ आसानी से नहीं मिल पातीं.

  • Dollar For: Dollar For कम आय वाले मरीज़ों को मेडिकल बिल माफ़ कराने वाली योजनाओं का फ़ायदा उठाने में मदद करता है. अब तक इसके पूरे प्लेटफ़ॉर्म की मदद से 47,000 से ज़्यादा मरीज़ों को सहायता मिली है और $15 करोड़ से ज़्यादा का मेडिकल कर्ज़ खत्म हुआ है. AI की मदद से नए तरीकों को अपनाकर, इसका लक्ष्य अपनी पहुँच बढ़ाना और $1 अरब का मेडिकल कर्ज़ खत्म करना है.

  • Every Cure: Every Cure एक नॉनप्रॉफ़िट बायोटेक ऑर्गेनाइज़ेशन है, जो पहले से FDA की मंज़ूरी पा चुकी दवाओं को उन बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल करता है जिनके लिए अभी सही इलाज की ज़रूरत पूरी नहीं हुई है. इस ग्रांट की मदद से वे अपने AI प्लेटफ़ॉर्म को और बड़ा करेंगे, जो करीब 3,000 FDA से मंज़ूर दवाओं को करीब 18,500 बीमारियों के साथ मिलाकर देखता है. उनका लक्ष्य दवाओं की जाँच की क्षमता दोगुनी करना और लैब से मरीज़ों तक पहुँचने वाले दवाओं के नए इस्तेमाल वाले प्रोग्राम की संख्या बढ़ाना है.

  • Boston Children’s Hospital में दुर्लभ बीमारियों के रिसर्च के लिए Manton Center: Manton Center एक ऐसा कम खर्च वाला जेनेटिक्स AI कोपाइलट बना रहा है, जो किसी एक खास प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भर नहीं है. यह क्लिनिकल टीमों को दुर्लभ बीमारियों के मामलों की दोबारा जाँच ज़्यादा तेज़ी और एक जैसे तरीके से करने में मदद करता है, ताकि ज़्यादा परिवारों को समय पर बीमारी की पहचान की सुविधा मिल सके. इस काम को बढ़ाते हुए, सेंटर बीमारी से जुड़े जीन की खोज, बेहद खास जाँच तक ज़्यादा लोगों की पहुँच और असमानता कम करने पर ध्यान दे रहा है.

  • OCHIN: OCHIN कम्युनिटीज़ और ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स को डिजिटल टूल्स अपनाने और इस्तेमाल करने में मदद करता है. यह 42 राज्यों में 2,200 से ज़्यादा स्वास्थ्य सेवा केंद्रों को सहायता देता है. OCHIN अब AI का फ़ायदा हेल्थकेयर टीमों तक पहुँचाने के लिए देशभर में एक AI इनोवेशन एक्सिलेटर शुरू कर रहा है, ताकि डॉक्टरों, नर्सों, सपोर्ट स्टाफ़ और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ़ और उन मरीज़ों तक AI के फ़ायदे पहुँचाए जा सकें जिन्हें अब तक नई टेक्नोलॉजी का फ़ायदा आसानी से नहीं मिल पाया है.

लोकल जर्नलिज़्म को सपोर्ट करना

पहले दौर के ग्रांट से यह भी सामने आया कि कम्युनिटीज़ के लिए भरोसेमंद लोकल खबरें कितनी ज़रूरी हैं. इसलिए लोकल मीडिया को सपोर्ट करना भी एक अहम विषय रहा.

इसी के तहत Foundation Lenfest Institute for Journalism को एक और ग्रांट दे रही है. Lenfest, Axios Media और दूसरे सहयोगियों के साथ मिलकर लोकल न्यूज़रूम के जर्नलिस्टों को AI टूल्स का ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देगा—खासकर उन कम्युनिटीज़ में जहाँ ऐसी सेवाएँ कम हैं. इससे पत्रकार AI का इस्तेमाल इस तरह कर सकेंगे कि संपादकीय फ़ैसलों में इंसानों की भूमिका बनी रहे.

अपने कमिटमेंट को आगे बढ़ाना

देशभर से करीब 3,000 ऑर्गेनाइज़ेशंस ने People-First AI Fund के लिए अप्लाई किया था. इससे पता चलता है कि लोकल ऑर्गेनाइज़ेशंस को मदद की कितनी ज़रूरत है और वे अपने काम में AI का इस्तेमाल कैसे किया जाए और जिन कम्युनिटीज़ की वे सेवा करते हैं, उनकी मदद कैसे की जाए, इसमें खुद भी भूमिका निभाना चाहते हैं.

हमने अब तक जो सीखा है, उसके आधार पर People-First AI Fund के लिए 15 जून से दोबारा ऐप्लिकेशन लिए जाएँगे. इसके साथ $5 करोड़ देने का नया फ़ैसला किया गया है और फ़ोकस एरिया में भी बदलाव किए गए हैं. हम आगे भी जल्दी और अपनी ज़रूरत के हिसाब से इस्तेमाल की जा सकने वाली आर्थिक मदद को प्रायोरिटी देंगे और ऐसे ऑर्गेनाइज़ेशंस के साथ काम करेंगे जो समुदायों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और उन्हें AI को अपने तरीके से इस्तेमाल करने और आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं, ताकि स्थानीय क्षमता बढ़े और लोगों को सीधे फ़ायदे मिलें.

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